Penology And Victimology Pdf In Hindi
(Typology of Victims)
पुनर्वास (Rehabilitation): पीड़ित को सदमे से बाहर निकालना और समाज में पुनः स्थापित करना।
पीड़ित विज्ञान के मुख्य आयाम:
विशेषकर यौन अपराधों की पीड़ित महिलाओं और बच्चों के बयान महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा और सुरक्षित माहौल में दर्ज करने का नियम है। penology and victimology pdf in hindi
लंबे समय तक कानूनी प्रणालियों में केवल राज्य और अपराधी के बीच के संबंधों को देखा गया, जिससे पीड़ित (Victim) हाशिए पर चले गए। इसी कमी को दूर करने के लिए 'विक्टिमोलॉजी' का जन्म हुआ। बेंजामिन मेंडेलसोहन (Benjamin Mendelsohn) को इस विज्ञान का जनक माना जाता है।
दंडशास्त्र के मुख्य सिद्धांत (Theories of Punishment)
पीड़ितविज्ञान है, जिसे अपराध के कारण शारीरिक, मानसिक या आर्थिक क्षति पहुंची हो। यह केवल पीड़ित के दर्द का अध्ययन नहीं है, बल्कि यह देखता है कि: penology and victimology pdf in hindi
"कारागार का उद्देश्य केवल बंदियों को निरुद्ध करना नहीं, बल्कि उन्हें सुधारना भी है।" इस कथन की विवेचना कीजिए.
विक्टिमोलॉजी या पीड़ित विज्ञान अपराध विज्ञान की वह शाखा है जो अपराध के पीड़ित व्यक्ति के अधिकारों, उसकी मानसिक स्थिति और उसे मिलने वाली सहायता का अध्ययन करती है। बेंजामिन मेंडेलसोहन को अक्सर 'पीड़ित विज्ञान का जनक' माना जाता है।
अपराध विज्ञान (Criminology) के दो महत्वपूर्ण स्तंभ हैं – और पीड़ित विज्ञान (Victimology) । जहां एक ओर दंड विज्ञान अपराधियों को दिए जाने वाले दंड की प्रकृति, उद्देश्य और उसके प्रभावों का अध्ययन करता है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित विज्ञान अपराध से प्रभावित होने वाले व्यक्तियों (पीड़ितों) की स्थिति, उनके अधिकारों और उनके पुनर्वास पर केंद्रित है। यह लेख इन दोनों विधाओं की गहन समझ प्रदान करने के साथ-साथ इस विषय पर हिंदी भाषा में उपलब्ध पीडीएफ संसाधनों की एक विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। penology and victimology pdf in hindi
भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और अब नए के तहत पीड़ितों के अधिकारों को मजबूत किया गया है। धारा 357 (CrPC) के तहत विक्टिम कंपनसेशन स्कीम (Victim Compensation Scheme) का प्रावधान है, जिसके तहत राज्य सरकारें पीड़ितों को वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं।
भारत में जेल सुधार (Prison Reforms in India)
"प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958" के तहत अपराधियों को रिहा करने के न्यायालय के अधिकार.
