Dr Zakir Naik Vs Sri Sri Ravi Shankar Debate Full In Hindi [2021] -
21 जनवरी 2006 को बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में यह ऐतिहासिक इंटर-फेथ डायलॉग (Inter-Religious Dialogue) आयोजित किया गया था। इसका आयोजन ने किया था और इसमें 50,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया था।
इस जवाब को लोगों ने "श्री श्री ने डॉ. ज़ाकिर को चुनौती दी" के रूप में गलत समझा।
श्री श्री रवि शंकर ने अपनी बात की शुरुआत बहुत ही शांत और आध्यात्मिक लहजे में की। उनके मुख्य तर्क निम्नलिखित थे:
बहस की पृष्ठभूमि और उद्देश्य dr zakir naik vs sri sri ravi shankar debate full in hindi
3. श्री श्री रवि शंकर का दृष्टिकोण: आध्यात्मिक एकता और विविधता
ईश्वर एक है, उसका कोई आकार या छवि नहीं है (तौहीद)।
मूर्ति को ईश्वर तक पहुँचने का एक माध्यम और प्रतीक बताया। Can’t copy the link right now
का दृष्टिकोण पूरी तरह से धार्मिक ग्रंथों (वेदों, उपनिषदों, भगवद गीता और पवित्र कुरान) के शाब्दिक संदर्भों और तार्किक विश्लेषण पर आधारित था।
उन्होंने ऋग्वेद (1:164:46) का उदाहरण दिया, जिसमें कहा गया है- "एकम सत् विप्रा बहुधा वदन्ति" (सत्य एक है, लेकिन विद्वान उसे अलग-अलग नामों से बुलाते हैं)।
डॉ. ज़ाकिर नायक और श्री श्री रवि शंकर के बीच यह बहस इस बात का प्रमाण है कि सत्य तक पहुँचने के रास्ते भले ही अलग हों (कट्टर तर्क बनाम आध्यात्मिक प्रेम), लेकिन दोनों ही पक्ष अपने अनुयायियों के लिए गहरी आस्था रखते हैं। चूंकि मूल वीडियो हटा दिया गया है, इस ऐतिहासिक मुक़ाबले को समझने का यही एकमात्र विश्वसनीय और तथ्यात्मक तरीका है। their policies apply.
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है, जो उपलब्ध ऐतिहासिक वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है। If you'd like, I can: of the debate
यदि कल्पना की जाए कि दोनों एक मंच पर हों, तो यह एक असमान बहस होती क्योंकि दोनों के विषय ही अलग हैं:
विवाद और दोनों संस्थाओं के दावे
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